Swaminarayan : अबूधाबी में भगवान स्वामीनारायण का सुंदर मंदिर हाल ही में बनाया गया है। यह संयुक्त अरब अमीरात में बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण (बीएपीएस संस्था) का पहला हिंदू मंदिर है। तकरीबन 100 एकड़ के क्षेत्र में ये मंदिर फैला हुआ हैं. इस मंदिर को दुनिया का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर माना जाता है। बता दे, भगवान Swaminarayan के मंदिर भारत सहित दुनिया भर में हैं। चलिये जानते हैं भगवान स्वामीनारायण के व्यक्तित्व के बारे मे ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से..
जाने इस पोस्ट में क्या क्या है
Toggleभगवान स्वामीनारायण कौन थे ?
- भगवान स्वामीनारायण की विचारधारा पर आधारित भगवान स्वामीनारायण संप्रदाय हिन्दू धर्म में मौजूद कई संप्रदायों में से एक है। भगवान स्वामीनारायण का जन्म 3 अप्रैल 1781 को उत्तर प्रदेश की अयोध्या में हुआ था।
- भगवान स्वामीनारायण को सहजानंद स्वामी भी कहा जाता है। पिता श्री हरिप्रसाद और माता भक्तिदेवी ने भी उनका नाम घनश्याम रखा था। माना जाता है कि, भगवान स्वामीनारायण के चरणों पर कमल का चिन्ह श्री कृष्ण के समान था।
- भगवान स्वामीनारायण ने 8 वर्ष की उम्र में जनेऊ संस्कार करके शास्त्रों का अध्ययन शुरू किया था। वह बहुत छोटी उम्र में अपने परिवार को छोड़कर घर का त्याग किया था तथा देश भ्रमण पर निकल गए थे। भगवान स्वामीनारायण ने सत्संग और प्रवचन किया करते थे।
- उनके प्रवचनों से प्रेरित होकर उनसे मिलने वालों का तांता लगने लगा, जिससे उनके अनुयायियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती चली गई। भगवान स्वामीनारायण ने असीम ज्ञान और आध्यात्मिकता के माध्यम से स्वामीनारायण संप्रदाय का निर्माण किया। समाज से बुरी आदतों को हटाया।
- दार्शनिक सिद्धांतों, नैतिक मूल्यों, अनुष्ठान आदि की शिक्षा हमेशा भगवान स्वामीनारायण ने दी है। भगवान स्वामीनारायण के बारे में कहा जाता है कि, उन्होंने अपने समय में समाज को एक ऐसा दृष्टिकोण दिया था जिसने कई लोगों का जीवन बदल दिया था।
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